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शांतिदूत की मंगल सन्निधि में पहुंचे केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल

22.09.24, सूरत। आज आचार्यश्री महाश्रमण जी की मंगल सन्निधि में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री व गुजरात भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री सी.आर. पाटिल पहुंचे। उन्होंने आचार्यश्री को वंदन कर आशीष प्राप्त करने के उपरान्त उन्होंने अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि हमारे आंगन में पूज्य संत आचार्यश्री महाश्रमणजी का पावन चतुर्मास हो रहा है, यह हम सभी के लिए परम सौभाग्य की बात है। आपके आगमन से यहां की जनता आह्लादित है। मैंने आपकी कीर्ति और ख्याति तो बहुत सुन रखी थी आज दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ है। आपकी विकट पदयात्रा और जनकल्याण का जो कार्य किया है, वह अद्वितीय है। आपने अभी दान में संतोष नहीं करने की जो प्रेरणा दी है, वह भी समाज के लिए कल्याणकारी है। आप तो लोगों को नीति पर चलने का राह भी दिखाते हैं। राजनीति में तो लोगों को सेवा की भावना से आना चाहिए। मेरा मानना है कि जो आदमी धर्म को नहीं मानता, वह अनीति का कार्य करने में डरेगा नहीं, और धर्म में आस्था रखने वाला होगा तो वह नीति पर चलेगा, जिससे देश और समाज का भला हो सकेगा। आपने नशामुक्ति के जन-जन को उत्प्रेरित किया है। ऐसे महात्मा जो समाज के हित के विषय में सोचते हैं। मैं ऐसे आचार्यश्री को बारम्बार प्रणाम करता हूं। 


आचार्यश्री ने उन्हें आशीष प्रदान करते हुए कहा कि आज जलशक्ति मंत्रीजी का आना हुआ है। जल की बात है तो जल को रत्न की संज्ञा प्रदान की गयी है। धरती पर तीन रत्न है- जल, अन्न और सुभाषित। जैनिज्म में यहां तक कहा गया है कि जल भी सजीव है, इसलिए जल का फालतू व्यय नहीं करना चाहिए, ऐसा अहिंसा की दृष्टि से भी होता है। हम तो सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति की प्रेरणा देते हैं। आचार्यश्री तुलसी ने अणुवत के छोटे-छोटे नियमों से लोगों को सत्पथ की प्रेरणा दी। राजनीति में खूब अच्छी नैतिकता बनी रहे। 





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