Jain Terapanth
26 May, Surat, तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी (Acharya Mahashraman) एवं उनके साथ ही सहदीक्षित मुनि श्री उदित कुमार जी (Muni Uditkumar ji) के संयम पर्याय के 50 वर्ष पूर्ण हुए एवं 51 में वर्ष में प्रवेश हुआ। इस अवसर पर सूरत (Surat) में उपस्थित साधु साध्वियों एवं विशाल श्रावक समुदाय द्वारा उनके प्रति अभ्यर्थना अभिनंदन समारोह का आयोजन तेरापंथ भवन सिटीलाइट (Terapanth Bhawan Citylight) में तेरापंथ सभा सूरत के तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर विशाल जन मेदिनी को संबोधित करते हुए अपने मंगल उद्बोधन में मुनिश्री उदित कुमार जी ने कहा-आचार्य श्री महाश्रमण तेरापंथ के एकादशम अधिशास्ता है। वे महान धर्माचार्य हैं। उनके साथ दीक्षित होने का अवसर मिलना यह मेरा महान सौभाग्य है। आचार्य श्री महा श्रमण जी ने अपनी साधना, अध्यात्म निष्ठा, आगम निष्ठा, संघ समर्पण एवं गुरु भक्ति द्वारा अध्यात्म के उच्च शिखरों पर आरोहण किया है। 51 वें दीक्षा दिवस के प्रसंग पर हम सब उनकी अभिवंदना करते हैं। उनकी मुझ पर विशेष कृपा रही है। हम दोनों को आचार्य श्री तुलसी (Acharya Tulsi) की आज्ञा से मुनि श्री सुमेरमल जी (Muni Sumermal ji) ने सरदारशहर में आज से 50 वर्ष पूर्व दीक्षा प्रदान की। मंत्री मुनि श्री सुमेरमल जो का अपार वात्सल्य और कृपा दृष्टि मुझे मिलती रही। मैं उनके प्रति सदैव ऋणी रहूंगा। मेरे जीवन निर्माण में जिनका महत्तम योगदान रहा है वैसे आचार्य श्री तुलसी एवं आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के प्रति भी मैं कृतज्ञता अर्पित करता हूं। आज के अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमण जी ने मुझ पर विशेष कृपा बरसाते हुए जो मंगल संदेश दिया है उसके लिए उनके प्रति भी कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं। आज के अवसर पर वहां उपस्थित सभी साधु साध्वियां एवं देश भर से अनेक साधु साध्वियों ने शुभकामनाएं प्रेषित की है उन सबके प्रति में हृदय से आभारी हूं।
अभ्यर्थना के क्रम में मुनि श्री पास्स कुमार जी, मुनि श्री कोमल कुमार जी, मुनिश्री ज्योतिर्मय कुमार जी, साध्वी श्री विमल प्रज्ञा जी, साध्वी श्री सम्यक प्रभा जी, साध्वी योगक्षेम प्रभा जी, साध्वी श्री होम श्री जी, साध्वी श्री राजश्री जी, साध्वी श्री कल्प यशा जी, साध्वी श्री मंजुलयशाजी आदि ने आचार्य श्री महाश्रमण जी की विद्वता, विनम्रता, निर्मलता, सहनशीलता, श्रम शीलता, आदि गुणों का उल्लेख करते हुए गुरु गुण का गुणानुवाद किया। उन्होंने मुनि श्री उदित कुमार जी की प्रवचन कला, कार्य कौशल, टाइम मैनेजमेंट, कार्यशैली आदि की प्रशंसा करते हुए मुनिश्री के उज्जवल भविष्य के लिए मंगल भावनाएं प्रेषित की।
श्रावक समुदाय की ओर से तेरापंथी महासभा के पूर्व अध्यक्ष श्री जसकरण चोपड़ा, अखिल भारतीय महिला मंडल के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कुमुद कच्छारा, ज्ञानशाला प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक श्री सोहन राज चोपड़ा, तेरापंथ सभा सूरत के मैनेजिंग ट्रस्टी श्री बाबूलाल जी भोगर, आचार्य महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति सूरत के अध्यक्ष श्री संजय जी सुराणा, इंदौर से समागत श्री रमेश जी कोठारी, सूरत सभा के मंत्री श्री मुकेश जी बैद, मुनि श्री के परिवार जनों की ओर से श्री प्रदीप जी बैद, श्री राजेश जी मरलेचा, उधना सभा अध्यक्ष श्री निर्मल जी चपलोत, उधना भजन मंडली आदि ने प्रासंगिक भावाभिव्यक्ति की। ज्ञावशाला सूरत एवं उधना के बच्चों ने पूज्य आचार्य श्री के प्रति परिसंवाद एवं शब्द चित्र के माध्यम से अभिवंदना एवं मुनि श्री उदित कुमार जी के प्रति मंगल भावनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनिश्री रम्य कुमार जी ने किया। (संकलन- अर्जुन मेडतवाल)

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