Editors Choice

3/recent/post-list

तेरापंथी महासभा प्रतिनिधि सम्मेलन - विशेष व्यक्तित्वों का किया सम्मान

तेरापंथी सभा प्रतिनिधि सम्मेलन के दूसरे दिन विशेष व्यक्तित्वों को किया गया सम्मानित 

16.08.2024, शुक्रवार, वेसु, सूरत (गुजरात) :

परम पावन आचार्यप्रवर की मंगल सन्निधि तथा जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के तत्त्वावधान में समायोजित त्रिदिवसीय तेरापंथी सभा प्रतिनिधि सम्मेलन में करीब ५५३ क्षेत्रों से १७६३ प्रतिनिधि संभागी बने। क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व और प्रतिनिधियों की उपस्थिति की दृष्टि से यह अब तक का सर्वाधिक विराट प्रतिनिधि सम्मेलन रहा। संभागी प्रतिनिधियों को परम पूज्य आचार्यप्रवर से पावन प्रेरणाएं प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न सत्रों में मुनि कुमारश्रमणजी और डॉ. राज सेठिया ने भी प्रशिक्षण प्रदान किया। सम्मेलन के दौरान महासभा-सभा की प्रवृत्तियों पर चर्चा, जिज्ञासा-समाधान के साथ अतीत की समीक्षा और आगामी करणीय कार्यों पर गहन चिन्तन एवं निर्णय का रोचक एवं प्रेरक क्रम भी रहा। इस सम्मेलन के दौरान महासभा के नव उन्मेष के रूप में आचार्यश्री महाश्रमण इण्टरनेशनल स्कूल की परिकल्पना प्रस्तुत की गई। इस हेतु समाज के कई लोगों ने अपनी-अपनी ओर से भूमि अनुदान एवं एक व्यक्ति द्वारा भूमि दान के साथ-साथ विद्यालय की इमारत भी स्वयं द्वारा निर्मित कर महासभा को भेंट करने की भावना व्यक्त की गई। महासभा द्वारा 'आचार्यश्री महाश्रमण आरोग्य योजना' के रूप में तेरापंथ समाज के लिए मेडिकेयर, मेडिक्लेम और मेडिकन्सेशन की योजना भी प्रस्तुत की गई। 'उत्थान' योजना के रूप में विदेशों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सार-संभाल के प्रयास का संकल्प अभिव्यक्त किया गया एवं 'सेवा साधक श्रेणी' के रूप में समाज के समयदानी कार्यकर्ताओं के लिए एक नई श्रेणी के शुभारम्भ की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। इस प्रकार यह सम्मेलन अनेक दृष्टियों से सार्थक, सुफल और ऐतिहासिक रहा।

आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में महासभा के तेरापंथी सभा प्रतिनिधि सम्मेलन में पुरस्कार एवं सम्मान अर्पण समारोह का आयोजन हुआ। इस संदर्भ में तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष श्री मनसुखलाल सेठिया ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। तेरापंथ संघ सेवा सम्मान महासभा के पूर्व अध्यक्ष श्री किशनलाल डागलिया, आचार्य तुलसी समाज सेवा पुरस्कार उपासक श्रेणी व्यवस्थापक श्री जयंतीलाल सुराणा व तेरापंथ विशिष्ट प्रतिभा पुरस्कार डॉ. राज सेठिया-ऑस्ट्रिया को प्रदान किया गया। श्री डागलिया के प्रशस्ति पत्र का वाचन महासभा के उपाध्यक्ष श्री निर्मल गोखरू, श्री सुराणा के प्रशस्ती पत्र का वाचन महासभा उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र नखत तथा श्री सेठिया के प्रशस्ती पत्र का वाचन महासभा के उपाध्यक्ष श्री समीर वकील ने किया। 




महासभा के पदाधिकारियों आदि के द्वारा सम्मान/पुरस्कारप्राप्तकर्ताओं को प्रशस्ती पत्र व स्मृति चिन्ह आदि समर्पित किए गए। सम्मान/पुरस्कारकर्ता महानुभावों ने आचार्यश्री के समक्ष अपने आंतरिक भावनाओं को अभिव्यक्ति दी। इस संदर्भ में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने पावन आशीष प्रदान करते हुए कहा कि अपने जीवन में धार्मिक-आध्यात्मिक साधना के उपरान्त जितनी सेवा हो सके, करने का प्रयास करना चाहिए। इस कार्यक्रम का संचालन तेरापंथी महासभा के संगठन मंत्री श्री प्रकाश डाकलिया ने किया।  



Post a Comment

0 Comments