18.10.24, सूरत। जैन तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी एवं BAPS स्वामीनारायण संस्था के पूज्य नारायणदास स्वामीजी(सारंगपुर), स्वामी उत्तमप्रकाश दासजी, स्वामी वंदनदासजी सहित स्वामीनारायण सम्प्रदाय के साधु समाज का आध्यात्मिक मिलन आज संयम विहार सूरत में हुआ।
मुख्य प्रवचन कार्यकम में आचार्यश्री ने समुपस्थित स्वामीनारायण संप्रदाय के साधु और संतों को भी पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि धर्म-अध्यात्म की साधना करते हुए जनता का जितना कल्याण कर सकें, करने का प्रयास होता रहे।
आचार्यश्री के मंगल प्रवचन के उपरान्त स्वामी नारायणमुनि स्वामी ने जनता को उद्बोधित करते हुए कहा कि आज हमें बहुत आनंद हो रहा है, कि आज हम सभी को गुरु महाराज आचार्यश्री महाश्रमणजी के पास आने का अवसर मिला है। आज के अवसर पर मुझे आचार्यश्री महाप्रज्ञजी की स्मृति हो रही है। जब वे पधारे थे, तब आप भी उपस्थित थे। आप सभी परम सौभाग्यशाली हैं जो ऐसे संत के नित्य दर्शन करने और सत्संग श्रवण करने का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। संतों का समागम बहुत महत्त्वपूर्ण होता है।
मुनि वंदनदासजी स्वामी ने भी अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी और अपने प्रमुख स्वामी महंतजीस्वामी के शुभेच्छा पत्र का वाचन श्री जिग्नेश नरोला ने किया। चतुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष श्री संजय सुराणा ने डॉ. राधाकृष्ण देव का परिचय प्रस्तुत किया। डॉ. राधाकृष्ण देव ने भी अपनी अभिव्यक्ति दी।







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