03.10.24, सूरत। आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में वीर नर्मद गुजरात युनिवर्सिटि के वाइस चांसलर श्री किशोर चावड़ा उपस्थित थे। उनका परिचय श्री राजेश सुराणा ने प्रदान किया। श्री चावड़ा ने आचार्यश्री को वंदन कर अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि सूरत शहर की धरती पर चतुर्मास करने वाले आचार्य महाश्रमणजी को मैं सादर नमन करता हूं। हम लोग तो हर वर्ष हजारों बच्चों की परीक्षा लेते हैं, लेकिन उनमें से मानव कितने बनते हैं? मानव बनाने का कार्य तो आचार्यश्रीजी कर रहे हैं। उन्होंने आचार्यश्री को अपनी युनिवर्सिटि में पधारने का अनुरोध भी किया।
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