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केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में पहुंचे

05.10.24, सूरत। भारत सरकार के कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में पहुंचे और आचार्यश्री को वंदन कर पावन आशीर्वाद प्राप्त करने के उपरान्त अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि मैं आचार्यश्री महाश्रमणजी को प्रणाम करता हूं। आज अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत नशामुक्ति दिवस है, उस संदर्भ में कहना चाहूंगा कि नशामुक्ति के लिए अणुव्रत एक्सप्रेस में कार्य किया जा सकता है। एन.सी.सी. जीवन में अनुशासन का बहुत महत्त्व होता है। आचार्यश्री तुलसी ने अपने से अपना अनुशासन करने की प्रेरणा दी। नॉनवेज छोड़कर सात्विक हो जाएं तो विचारों में कितनी उन्नति हो जाएगी। आचार्यश्री जो आशीर्वाद बरसाया, मेरे लिए बहुत ही प्रेरणास्पद रही है।



पूज्यप्रवर ने आशीर्वाद देते हुए कहा - आज अर्जुनरामजी मेघवाल जी आए हैं। भारत सरकार के मंत्री हैं, अणुव्रत से भी जुड़े हुए हैं और हमारे जैन विश्व भारती मान्य विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। ये इतने बार आ चुके हैं, मानों हमारे बहुत अच्छे परिचित हैं। मानों परिवार के सदस्य की भांति हैं। गुरुदेव तुलसी के समय ये विद्यार्थी के रूप में थे, तब से इनका लगाव रहा है। प्राकृत भाषा को क्लासिकल भाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। हमारे शास्त्रों की भाषा प्राकृत, अर्धमागधि में है। संस्कृत, प्राकृत आदि में निर्मित ग्रंथों में इतने गूढ़ रहस्य हैं कि विज्ञान के लिए भी काम आ जाते हैं। ग्रंथों और पंथों का लाभ जनता को मिले। राजनीति भी सेवा बहुत बड़ा माध्यम है। अणुव्रत की अनेक संस्थाएं हैं, इनमें अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी अणुव्रत के कार्यों के लिए जिम्मेवार संस्था है। अभी अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह भी चल रहा है। आज पांचवा दिन है। अणुव्रत का जितना प्रचार-प्रसार हो सके, इसका प्रयास हो।

 अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर ने भी अपनी भावाभिव्यक्ति दी।


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